South Korea martial law: दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यूं सुक येओल ने बीते दिन गुरुवार (4 दिसंबर) को अचानक मार्शल लॉ की घोषणा कर दी थी. इसके बाद सियोल की सड़कों पर भारी सशस्त्र सैनिकों को तैनात कर दिया. यह कदम न केवल देश के भीतर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चौंकाने वाला साबित हुआ.
मार्शल लॉ लागू होने के बाद विपक्षी पार्टी के नेता ली जे-म्युंग ने राष्ट्रपति के फैसले के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने नेशनल असेंबली पहुंचने के लिए संसद की दीवार पर चढ़ने का साहसिक कदम उठाया. जे-म्युंग ने इस पूरे घटनाक्रम को यूट्यूब पर लाइव टेलीकास्ट किया, जिसमें उन्हें दीवार पर चढ़ते और दूसरी तरफ कूदते हुए देखा गया.
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— 그냥권지용 (@XXIBGOD_) December 3, 2024
राष्ट्रपति के खिलाफ कड़े शब्दों का इस्तेमाल
ली जे-म्युंग ने मार्शल लॉ को अवैध करार देते हुए राष्ट्रपति यूं सुक येओल पर कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति अब दक्षिण कोरिया के लिए वैध शासक नहीं हैं. इसके साथ ही उन्होंने जनता से संसद में इकट्ठा होने की अपील की और कहा, “कोरिया गणराज्य की अर्थव्यवस्था पूरी तरह ढह जाएगी. मेरे साथी नागरिकों, कृपया नेशनल असेंबली में आएं.”
सांसदों ने मार्शल लॉ के खिलाफ मतदान किया
मार्शल लॉ लागू होने के कुछ घंटों के भीतर करीब 190 सांसदों ने नेशनल असेंबली में पहुंचकर इसके खिलाफ सर्वसम्मति से मतदान किया. उन्होंने इसे रद्द करने का प्रस्ताव पारित किया, जिससे स्थिति में कुछ राहत आई.
राष्ट्रपति का तर्क
राष्ट्रपति यूं सुक येओल ने मार्शल लॉ लागू करते हुए इसे देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया. उन्होंने कहा, “उत्तर कोरिया की कम्युनिस्ट ताकतों से दक्षिण कोरिया की रक्षा और राज्य विरोधी तत्वों को खत्म करने के लिए यह कदम उठाया गया है. विपक्षी दल ने शासन को पंगु बनाने और विशेष जांच से बचने का प्रयास किया है.”
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