Italian PM Giorgia Meloni : इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी बड़ी मुश्किल में फंस गईं हैं. उनके खिलाफ एक न्यायिक जांच शुरू हो गई है. दरअसल, पीएम जॉर्जिया मेलोनी पर आरोप है कि उन्होंने इटली में गिरफ्तार लीबिया के एक पुलिस अधिकारी को रिहा कर दिया है. बता दें कि लीबिया के पुलिस अधिकारी को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) के अरेस्ट वारंट के बाद गिरफ्तार किया गया था. हालांकि अब यह आने वाला समय बताएगा कि इस आरोप के बाद इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी इस्तीफा देंगी या नहीं.
वहीं, पीएम मेलोनी ने मंगलवार (28 जनवरी) को कहा कि उन्हें न्यायिक जांच के तहत रखा गया है. उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए इस्तीफा देने की कोई बाध्यता नहीं है और इटली में जांच का सामना करना दोष का प्रमाण नहीं होता और यह भी नहीं कि कोई औपचारिक चार्ज इसके पीछे लगेगा.
पीएम मेलोनी के खिलाफ क्यों हो रही न्यायिक जांच?
दरअसल, लीबिया के एक पुलिस अधिकारी ओसामा एलमसरी नजीम को पिछले सप्ताह ही रिहा किया गया है और इटली के सरकारी विमान से घर भेजा गया. यह घटना इटली के ट्यूरिन शहर में उनकी गिरफ्तारी के कुछ दिनों बाद हुई थी. इसके बाद आईसीसी ने इस फैसले पर स्पष्टीकरण मांगते हुए यह कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी.
पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया शेयर
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अपने फेसबुक प्रोफाइल से एक वीडियो पोस्ट शेयर किया है. इस वीडियो पोस्ट में मेलोनी ने कहा कि उन्हें अपराध में मदद और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के आरोप में न्यायिक जांच के तहत रखा गया है. लेकिन उनके लिए इस्तीफा देने की कोई बाध्यता नहीं है और इटली में जांच के तहत होना दोष सिद्ध नहीं करता और न हीं इसका मतलब है कि मुझ पर अनिवार्य रूप से औपचारिक आरोप लगा जाएंगे.
उन्होंने कहा, “मैं ब्लैकमेल नहीं होने वाली हूं, मैं डरने वाली नहीं हूं. शायद यही कारण है कि मुझे उन लोगों द्वारा नापसंद किया जाता है जो नहीं चाहते कि इटली में बदलाव हो और यह बेहतर बने.” उन्होंने आगे कहा, “मुझे भरोसा है कि यह न्यायिक जांच वकील लुइगी ली गोटी द्वारा शुरू की गई है, जिन्होंने पिछले सप्ताह नजीम की रिहाई और उन्हें त्रिपोली वापस भेजने के लिए सरकारी विमान के उपयोग के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी.”
ICC ने इस मामले में क्या कहा?
ICC ने कहा कि ओसामा एलमसरी नजीम पर हत्या, यातना, रेप और यौन हिंसा का आरोप है, जिसके खिलाफ 18 जनवरी को इटली सहित अन्य सदस्य राष्ट्रों को वारंट भेजा गया था. अदालत ने उसकी रियल टाइम की जानकारी भी दी थी नजीम यूरोप में प्रवेश कर चुका है.
न्यायालय ने कहा था कि उसने उस समय इटली को याद दिलाया था कि अगर उस वारंट के साथ सहयोग करने में कोई परेशानी होती है तो वह बिना देरी किए कोर्ट से संपर्क करे.
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