Last Updated:March 26, 2025, 10:52 IST
US F-47 VS J-36: अमेरिका ने छठी पीढ़ी के फाइटर जेट F-47 की घोषणा की, जिसे बोइंग बनाएगा. यह चीन के J-36 से मुकाबला करेगा, जो चेंगदू एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन डेवलप कर रहा है. F-47 में स्टील्थ तकनीक और एडवांस सेंसर हो…और पढ़ें
अमेरिका और चीन छठई पीढ़ी के फाइटर जेट बना रहे हैं. (Credit- Reuters/Quwa)
हाइलाइट्स
- अमेरिका ने छठी पीढ़ी के फाइटर जेट F-47 की घोषणा की
- चीन का J-36 त्रिकोणीय डिजाइन और लंबी दूरी की क्षमता वाला है
- F-47 में स्टील्थ तकनीक और एडवांस सेंसर होंगे
वॉशिंगटन: दुनिया में अभी भी ज्यादातर देशों के पास पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट नहीं पहुंचे हैं. वहीं अब अमेरिका ने कह दिया है कि वह छठी पीढ़ी का लड़ाकू विमान बनाएगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि इसे बोइंग कंपनी बनाएगी, जिसे F-47 के नाम से जाना जाएगा. अमेरिका ने यह सब अचानक नहीं किया है, बल्कि यह सीधे तौर पर चीन को टक्कर देने के लिए है, क्योंकि उसने छठी पीढ़ी के फाइटर जेट J-36 पर काम शुरू कर दिया है. ट्रंप ने कहा, ‘इनमें अभूतपूर्व शक्ति होगी, जो दुश्मन देख भी नहीं पाएंगे.’ अमेरिकी वायुसेना में इस समय सबसे ताकतवर फाइटर जेट पांचवीं पीढ़ी का F-35 है, जिसे लॉकहीड मार्टिन ने बनाया है. हर F-35 की कीमत 80 मिलियन डॉलर से 115 मिलियन डॉलर के बीच है. कई लोग इसे सबसे शक्तिशाली फाइटर जेट कहते हैं, लेकिन इसके आलोचक इसे सफेद हाथी बताते हैं. सवाल है कि हम F-47 के बारे में क्या जानते हैं और चीन के J-36 की तुलना में यह कितना ताकतवर है.
F-47 का नाम ही अपने आप में विवाद है. क्योंकि ट्रंप अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति हैं, इसलिए कई लोग मानते हैं कि इसीलिए ऐसा नाम रखा गया है. हालांकि ट्रंप इसे एक संयोग बताते हैं. इस विमान को आधिकारिक तौर पर नेक्स्ट जेनरेशन एयर डॉमिनेंस (NGAD) कहा जाता है. NGAD को चीन और रूस का मुकाबला करने के लिए छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान के इर्द-गिर्द एक ‘सिस्टम का परिवार’ के रूप में सोचा गया. बीबीसी के अनुसार, ट्रंप ने इसे अब तक का सबसे घातक विमान बताया.
फाइटर जेट की हो रही टेस्टिंग
ट्रंप ने दावा किया कि विमान का टेस्ट वर्जन कई वर्षों से गुप्त रूप से उड़ान भर रहा था. विमान की विशेषताएं अभी फिलहाल गुप्त हैं. हालांकि, माना जा रहा है कि इसमें स्टील्थ क्षमता और एडवांस्ड सेंसर और अत्याधुनिक इंजन होंगे. इसकी जो तस्वीर सामने आई है, कई एक्सपर्ट्स इसे पहले के स्टील्थ विमानों से अलग नहीं मानते. एपी की रिपोर्ट के मुताबिक इस विमान के डेवलपमेंड में लगभग 20 अरब डॉलर का खर्च आएगा. एयर एंड स्पेस फोर्स डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक चीफ ऑफ स्टाफ जनरल डेविड डब्ल्यू ऑल्विन ने कहा, ‘F-47 वास्तव में दुनिया का पहला चालक दल वाला छठी पीढ़ी का लड़ाकू विमान है.’
चीन के J-36 की क्या है ताकत
चीन के दावे के मुताबिक J-36 छठी पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, लेकिन इसे सत्यापित करना असंभव है. द वॉर जोन की रिपोर्ट के मुताबिक इसे चेंगदू एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन की ओर से डेवलप किया जा रहा है. इसकी जानकारी भी अभी चीन ने बेहद सीक्रेट रखी हुई है. हाल ही में इसके उड़ान भरने के कई वीडियो आए हैं. वीडियो से देखकर लगता है कि इसका आकार एक त्रिकोण की तरह है. इसमें टेललेस कॉन्फिगरेशन शामिल है, जो रडार की पकड़ से बचने की क्षमता बढ़ाता है. लंबी दूरी के संचालन के लिए एरोडायनामिक दक्षता भी बढ़ाता है. कथित तौर पर J-36 को तीन WS-10C टर्बोफैन इंजन की ओर से संचालित किया जाता है.
J-36 के आकार से माना जाता है कि इसमें अतिरिक्त ईंधन ले जाने की क्षमता है. कथित तौर पर इसमें उन्नत हथियारों और सेंसर के लिए आंतरिक जगह है. J-36 में साइड-लुकिंग एयरबोर्न रडार, इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर और लो-ऑब्जर्वेबल तकनीकें होने की संभावना है. द डिप्लोमैट के अनुसार, J-36 की लंबाई लगभग 22 मीटर है. वहीं इसका विंगस्पैन 20 मीटर है. यह दो पायलट वाला विमान हो सकता है. वहीं, इसमें PL-17 एयर टू एयर मिसाइल हो सकती है. J-36 की पहली उड़ान की तस्वीरें और वीडियो दिसंबर 2024 में आए. तब यह J-20 विमान के साथ उड़ रहा था.
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