Last Updated:April 02, 2025, 09:38 IST
Trump Tariff Impact: ट्रंप के टैरिफ से पूरी दुनिया परेशान है. लेकिन इसका नुकसान खुद ट्रंप को होता दिख रहा है. कभी पूरी दुनिया पर दादागिरी करने वाले ट्रंप के खुद अकेला पड़ने की संभावना बनने जा रही है.
डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ ऐलान करने में महज कुछ घंटे का वक्त बचा है.
हाइलाइट्स
- ट्रंप के टैरिफ से दुनियाभर में असंतोष बढ़ा. दोस्तों ने भी अमेरिका से मुंह मोड़ना शुरू किया.
- उधर, चीन ने भारत समेत कई देशों से संबंध सुधारे. दुश्मन मुल्कों के साथ भी मिलाया हाथ.
- क्वॉड के देश जापान और ऑस्ट्रेलिया भी अब दूसरा बाजार तलाश रहे हैं जो ट्रंप की मुश्किलें बढ़ाएगा.
डोनाल्ड ट्रंप जब से राष्ट्रपति बने हैं तब से पूरी दुनिया को धमकी दे रहे हैं कि 2 अप्रैल को वह रिसिप्रोकल टैरिफ लगाने वाले हैं. खतरा इतना बड़ा है कि अमेरिका के साथ हमसाये की तरह रहने वाले देश भी चीन से हाथ मिला बैठे हैं. दो दिन पहले जापान और साउथ कोरिया ने चीन के साथ डील की, तो यूरोपीय यूनियन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने ट्रंप को सीधे लहजे में चेतावनी तक दे डाली. उन्होंने कहा, हम बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन आवश्यक हुआ तो कड़ी जवाबी कार्रवाई करेंगे. इस बीच चीन तेजी से अपने पांव पसार रहा है. उसने भारत को भी अपने साथ लाने के लिए झुकने का इरादा दिखाया है. कहीं ऐसा न हो कि जिस चीन से निपटने के लिए अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत ने QUAD बनाया था, वही अमेरिका अब इस ग्रुप से बाहर हो जाए?
ट्रंप के टैरिफ वार ने चीन को मौका दे दिया है. वह यूरोपीय से लेकर एशियाई देशों तक दोस्ती करने में जुटा है. यहां तक कि कई दुश्मन मुल्कों से भी मित्रता का इरादा जता दिया है. अचानक भारत से भी वह रिश्ते सुधारने में जुट गया है. ‘एलिफैंट ड्रैगन डांस’ की बात हो रही है. सुबह चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि बीजिंग व्यापार घाटा कम करने के लिए भारत से और प्रोडक्ट खरीदने को तैयार है. चंद मिनट बाद चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से बात की. इसके कुछ ही घंटों बाद भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी चीन के एक कार्यक्रम में बतौर चीफ गेस्ट शामिल हुए. एक ही दिन में चीन के साथ इतना गहरा लगाव पहले कभी नहीं देखा गया. यह चीन के साथ भारत के रुख में भी बड़ा बदलाव है.
क्वॉड देश क्या कर रहे?
1. क्वॉड का सदस्य जापान चीन के साथ वर्षों पुरानी दुश्मनी भुलाकर व्यापारिक रिश्ता बढ़ा रहा है. वह अमेरिका से पीछा छुड़ाता नजर आ रहा है.
2. ऑस्ट्रेलिया ट्रंप के प्रोडक्ट पर टैरिफ तो नहीं लगाएगा, लेकिन वह अपने स्टील और एल्यूमीनियम के लिए नए बाजार तलाश रहा है. वह भारत, साउथ कोरिया और ASEAN देशों के साथ व्यापार बढ़ा रहा है.
3. भारत पहले ही कह चुका है कि अमेरिकी प्रोडक्ट पर संतुलित रुख रखता है. हालांकि भारत ने जवाब देने की बात नहीं कही है.
कैसे बदल रही दुनिया?
1. कनाडा और मैक्सिको चीन के साथ व्यापारिक रिश्ता बढ़ा रहे हैं. कनाडा-मैक्सिको के लिए अमेरिका सबसे बड़ा निर्यात बाजार है. अब इस पर चोट पड़नी तय है.
2. ट्रंप की अमेरिका फर्स्ट नीति से परेशान यूरोपीय यूनियन चीन की ओर देख रहे हैं. 2025 तक चीन और यूरोप के बीच व्यापार में वृद्धि भी देखी गई है. यूरोप ने अमेरिकी टैरिफ से बचने के लिए चीन से सस्ते सामान जैसे सौर पैनल, इलेक्ट्रिक वाहन का आयात बढ़ाया.
3.दक्षिण-पूर्व एशियाई देश (ASEAN) चीन के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर रहे हैं, जो पहले से ही उसके बड़े व्यापारिक साझेदार हैं. ट्रंप के टैरिफ ने इन देशों को भी प्रभावित किया, क्योंकि वे अमेरिका को निर्यात करते हैं.
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