Last Updated:April 06, 2025, 06:50 IST
Anti Trump Protest: डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क के खिलाफ अमेरिका के 50 राज्यों में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए. ‘हैंड्स ऑफ’ मूवमेंट की ओर से आयोजित इन प्रदर्शनों में अरबपतियों के प्रभाव, सामाजिक योजनाओं में कटौती औ…और पढ़ें
ट्रंप के विरोध में प्रदर्शन. (Reuters)
हाइलाइट्स
- अमेरिका के 50 राज्यों में ट्रंप के खिलाफ प्रदर्शन हुए
- प्रदर्शन में ट्रंप को तानाशाह बताया गया
- प्रदर्शनकारियों ने सामाजिक योजनाओं में कटौती का विरोध किया
वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सत्ता में आए अभी तीन महीने भी ठीक से नहीं हुए हैं, लेकिन उन्होंने अपने फैसलों से अमेरिकी जनता को नाराज कर दिया है. स्थिति अब ऐसी है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अरबपति एलन मस्क के खिलाफ अमेरिका में विरोध प्रदर्शन हो रहा है. अमेरिका के सभी 50 राज्यों में लाखों लोगों ने इस विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया. एक लोकतंत्र समर्थक मूवमेंट ‘हैंड्स ऑफ’ ने इसे आयोजित किया था. वह ट्रंप और मस्क को अमेरिकी अधिकारों और स्वतंत्रता पर शत्रुतापूर्ण कब्जा और हमला करार देता है. CNN की रिपोर्ट के मुताबिक हैंड्स ऑफ आंदोलन के तहत पूरे देश के राज्यों में 1400 से ज्यादा विरोध प्रदर्शन देखा गया. ये प्रदर्शन राज्यों की राजधानियों, संघीय इमारतों, कांग्रेस कार्यालयों, सोशल सिक्योरिटी मुख्यालय, पार्कों और सिटी हॉल में आयोजित किए गए.
आयोजकों का कहना है कि अरबपतियों ने सत्ता को हड़प लिया है और इसे खत्म करने के लिए प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रदर्शनकारियों की ओर से तीन मुख्य मांग की गई है. पहला ट्रंप प्रशासन में अरबपतियों के कब्जे और भ्रष्टाचार को खत्म करना. दूसरा मेडिकेड, सोशल सिक्योरिटी जैसे जरूरी कार्यक्रमों में संघीय फंड की कटौती को रोकना. और तीसरा आप्रवासियों, ट्रांसजेंडर समुदायों व अन्य समूहों पर हमलों को रोकना.

ट्रंप के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन. (Reuters)
ट्रंप को बताया तानाशाह
इस प्रदर्शन में लगभग 6 लाख लोगों ने हिस्सा लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था. कुछ प्रदर्शन लंदन और पेरिस जैसे शहरों में भी हुए थे. डेमोक्रेटिक सांसद जेमी रास्किन और भारत के खिलाफ जहर उगलने वाली इल्हान उमर ने भी इसमें हिस्सा लिया. उन्होंने ट्रंप की नीतियों की सख्त आलोचना की. जेमी रास्किन ने कहा, ‘हमारे संविधान की शुरुआत ‘हम तानाशाह’ से नहीं बल्कि ‘हम लोग’ से होती है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘कोई भी नैतिक व्यक्ति ऐसा अर्थव्यवस्था-संकटग्रस्त तानाशाह नहीं चाहता जो हर चीज की कीमत जानता हो और किसी चीज की वैल्यू नहीं जानता हो.’

अमेरिका में हो रहा प्रदर्शन. (Reuters)
ट्रंप की नीतियों से परेशान हैं लोग
ट्रंप के सत्ता में आने के बाद से ही उनका प्रशासन संघीय खर्च में कटौती को लेकर मुखर रहा है, भले ही इससे किसी को भी नुकसान हो. खर्चे कम करने के लिए हजारों संघीय कर्मचारियों को निकाल दिया गया है. इसके अलावा टैरिफ बढ़ाएंगे, जिससे अमेरिकी उपभोक्ताओं पर दबाव पड़ेगा. प्रदर्शनकारी इन्हीं नीतियों से नाराज हैं. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 1 फीसदी अमीरों को छोड़कर सभी को निशाना बनाया जा रहा है, चाहे वे पूर्व सैनिक हों, बच्चे, बुजुर्ग, किसान, आप्रवासी या ट्रांसजेंडर लोग. वाइट हाउस ने अभी तक इस पर कोई जवाब नहीं दिया है.
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