चैरिटी करने के चक्‍कर में लुट गए बरखुरदार, WhatsApp के ल‍िंक पर क्‍ल‍िक करते ही अकाउंट से न‍िकल गए 1 लाख रुपये

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चैरिटी करने के चक्‍कर में लुट गए बरखुरदार, WhatsApp के ल‍िंक पर क्‍ल‍िक करते ही अकाउंट से न‍िकल गए 1 लाख रुपये

Last Updated:March 04, 2025, 17:03 ISTकर्नाटक के एक 31 साल के आदमी को एक फर्जी चैरिटी डोनेशन लिंक पर क्लिक करना भारी पड़ गया. ल‍िंक पर क्‍ल‍िक करते ही उसके अकाउंट से 1.11 लाख रुपये न‍िकल गए.30 साल के वरुण को धर्मार्थ का काम करना महंगा पड गयाहाइलाइट्सफर्जी चैरिटी लिंक पर क्लिक करने से व्यक्ति के अकाउंट से 1.11 लाख रुपये निकले.RPC ऐप ने फोन पर ऑटोमेटिकली इंस्टॉल होकर पैसे ठगने का मौका दिया.पीड़ित ने FIR दर्ज कराई, मामले की जांच जारी.नई द‍िल्‍ली. कर्नाटक के एक 31 साल के व्‍यक्‍त‍ि को धर्मार्थ का काम करना भारी पड़ गया. वॉट्सएप पर अनजान लोगों से बातचीत हुई, चैर‍िटी ल‍िंक म‍िला और अकाउंट से 1 लाख रुपये से ज्‍यादा न‍िकल गए. एक रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित के एक वॉट्सएप लिंक पर क्लिक करने के बाद 1.11 लाख रुपये खो दिए. लिंक ने अपने आप उसके फोन पर एक थर्ड-पार्टी ऐप डाउनलोड कर दिया, जिससे धोखेबाजों को उससे पैसे ठगने का मौका मिल गया.

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, इस मामले की रिपोर्ट बंटवाल तालुक के गोल्थामजालू गांव के वरुण नाम के व्यक्ति ने दर्ज कराई है. अपने FIR में पीड़ित ने बताया कि उसे चिकित्सा सहायता, शिक्षा निधि और वीलचेयर दान के लिए चैर‍िटी को बढ़ावा देने वाला एक वॉट्सएप लिंक मिला. यह सोचकर कि ये लिंक चैरिटी प्लेटफॉर्म से एक विश्वसनीय संदेश है, वरुण ने इस पर क्लिक कर दिया. हालांकि, जैसे ही उसने क्लिक किया, लिंक ने उसके फोन पर एक RPC ऐप की ऑटोमेट‍िकली इंस्‍टॉल कर द‍िया.

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क्‍या है RPC ऐपRPC ऐप रिमोट प्रोसीजर कॉल ऐप हैं जो एक कंप्यूटर पर प्रोग्राम को दूसरे कंप्यूटर पर कोड डालने की परम‍िशन देते हैं. हालांकि, साइबर अपराधी पीड़ितों को धोखा देने के लिए दूसरे नामों से इन ऐप का इस्तेमाल करते हैं. इस मामले में, ऐप को एक निवेश ऐप के रूप में पेश किया गया था, जहां यूजर 40 वीडियो देखकर हर द‍िन 2,000 रुपये कमा सकते थे, जिसमें जमा की गई राशि उनके ऐप-लिंक्ड वॉलेट में जमा हो जाती थी.

कैसे न‍िकल गई इतनी बडी रकमवरुण को लगा कि ऐप वैध है, इसलिए उसने इसमें निवेश करने का फैसला किया. 25 नवंबर को, उसने कथित तौर पर अपने खाते को एक्‍ट‍िव करने के लिए अपने केनरा बैंक खाते से 56,000 रुपये ट्रांसफर किए. धीरे-धीरे उसके वॉलेट में लगभग 1 लाख रुपये तक पहुंच गया. हालांकि, जब वरुण ने अपने निजी बैंक खाते में पैसे डालने की कोशिश की, तो उसे ऐप पर UPI के जर‍िये और 56,000 रुपये जमा करने के लिए कहा गया. यह मानते हुए कि यह प्रक्रिया का हिस्सा है, उसने 13 दिसंबर, 2024 को बतुल कार्तिक नाम के एक व्यक्ति को राशि हस्तांतरित कर दी.

रिपोर्ट के अनुसार, वरुण ने UPI के जरिए 1,11,999.99 रुपए ट्रांसफर कर द‍िए. लेकिन, जब जालसाजो ने और पैसे की मांग जारी रखी, तो उन्हें शक हुआ. बाद में उन्होंने शिकायत दर्ज कराई.

 
Location :New Delhi,DelhiFirst Published :March 04, 2025, 17:03 ISThometechचैरिटी करने के चक्‍कर में लुट गए बरखुरदार, ल‍िंक पर क्‍ल‍िक करते ही उड़े होश

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