एक रिसर्च में खुलासा हुआ है कि चूहे के दिमाग में 5 मिमी माइक्रोप्लास्टिक मिला है. जिसके कारण चूहों के दिमाग में ब्लड सर्कुलेशन ब्लॉक हो जाते हैं. हालांकि, फिलाहाल यह नहीं कहा जा सकता है कि प्लास्टिक मनुष्यों में भी इसी तरह की रुकावट पैदा कर सकता है या नहीं. रिसर्च के मुताबिक फेफड़े, बोन मैरो आदि सहित शरीर के लगभग हर हिस्से में माइक्रोप्लास्टिक पाया गया है. ब्लड सर्कुलेश में माइक्रोप्लास्टिक कोशिकाओं में रुकावट पैदा करके दिमाग के नसों को ब्लॉक कर देता है.
चूहों में मिले फ्लोरोसेंट पॉलीस्टाइनिन
रिसर्च के मुताबिक चूहों को फ्लोरोसेंट पॉलीस्टाइनिन के छोटे टुकड़े खिलाए जो कि उपकरण, पैकेजिंग और खिलौने बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला प्लास्टिक का एक सामान्य रूप है. फिर उन्होंने जानवर की खोपड़ी में शल्य चिकित्सा द्वारा प्रत्यारोपित एक पारदर्शी खिड़की के माध्यम से चूहे के मस्तिष्क में प्लास्टिक के प्रवाह का पता लगाने के लिए एक विशेष माइक्रोस्कोप का उपयोग किया.
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रिसर्च में क्या था?
चूहों द्वारा पॉलीस्टाइनिन का सेवन करने के लगभग तीन घंटे बाद वैज्ञानिकों ने देखा कि जानवर की प्रतिरक्षा कोशिकाओं ने कुछ प्लास्टिक के टुकड़े निगल लिए थे. नेचर में पब्लिश एक रिपोर्ट के अनुसार आगे की जांच से पता चला कि न्यूट्रोफिल और फागोसाइट्स नामक प्रतिरक्षा कोशिकाओं ने चमकीले प्लास्टिक के कण निगल लिए थे. इनमें से कुछ कोशिकाएं संभवतः मस्तिष्क के कॉर्टेक्स नामक क्षेत्र में छोटी रक्त वाहिकाओं के तंग वक्रों में फंस गई थीं. पेकिंग विश्वविद्यालय (चीन) के बायोमेडिकल रिसर्च प्रमुख लेखक हैपेंग हुआंग ने नेचर को बताया कि उन्होंने और उनकी टीम ने चूहों के हृदय और यकृत में इसी प्रकार की रुकावटें देखी हैं. लेकिन इन अध्ययनों के परिणाम अभी तक प्रकाशित नहीं हुए हैं.
Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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