कोटा नगर निगम दक्षिण में वार्डों में निर्माण कार्यों में हो रहे भेदभाव के खिलाफ बुधवार को कांग्रेसी पार्षदों ने नाराजगी जताई। इसे लेकर उन्होंने निगम दक्षिण के आयुक्त अनुराग भार्गव का घेराव भी किया। उप महापौर पवन मीणा की अगुवाई में कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया कि निगम प्रशासन भाजपा पार्षदों को प्राथमिकता दे रहा है और भाजपा पार्षदों के वार्डों में विकास कार्यों के लिए 1-1 करोड़ रुपए के टेंडर जारी कर चुका है, जबकि कांग्रेस पार्षदों के वार्ड अब भी विकास कार्यों से वंचित हैं। तय समय में टेंडर अपलोड नहीं करने पर कांग्रेसी पार्षदों ने निगम के बाहर धरना देने और मुख्यमंत्री के कोटा आने पर विरोध जताने की चेतावनी दी।
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कोटा नगर निगम दक्षिण के उप महापौर पवन मीणा ने बताया कि दिसंबर में कांग्रेस पार्षदों ने इसी मुद्दे पर धरना दिया था। तब प्रशासन ने टेंडर जल्द लगाने का आश्वासन दिया था, लेकिन चार महीने बाद भी अभी तक कोई टेंडर जारी नहीं हुआ है। इससे साफ पता चलता है कि नगर निगम प्रशासन कांग्रेस पार्षदों के वार्डों के साथ भेदभाव कर रहा है। कांग्रेस पार्षदों ने चेतावनी दी कि यह अन्याय अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 28 मार्च को जनता के साथ धरना शुरू होगा और 29 मार्च को मुख्यमंत्री के सामने विरोध किया जाएगा। अगर, इसमें कोई अनहोनी होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।
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वहीं, निर्माण समिति के अध्यक्ष इसरार मोहम्मद ने कहा कि कांग्रेस पार्षदों के वार्डों को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है। भाजपा पार्षदों के वार्डों में काम हो रहे हैं, लेकिन हमारे वार्डों को रोककर हारे हुए भाजपा प्रत्याशियों से प्रस्ताव लेने की बात कही जा रही है। यह लोकतंत्र की मर्यादा के खिलाफ है। अगर, तुरंत टेंडर अपलोड नहीं किए गए तो हम उग्र आंदोलन करेंगे।