यूनुस से नहीं संभल रहा बांग्लादेश! पहले छात्रों का प्रदर्शन और अब रेल व्यवस्था ठप

0
14
यूनुस से नहीं संभल रहा बांग्लादेश! पहले छात्रों का प्रदर्शन और अब रेल व्यवस्था ठप

Bangladesh yunus Government in Trouble: बांग्लादेश से शेख हसीना को हटाकर मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बना दी गई, लेकिन हालात अभी भी जस के तस हैं. एक ओर रेल कर्मचारी हड़ताल पर हैं और पूरे देश में ट्रेनें बंद हैं, जिनकी वजह से आम जनता परेशान है. वहीं दूसरी ओर छात्र एक बार फिर सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं. उन्होंने यूनुस सरकार को चेतावनी दे दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वह देशव्यापी प्रदर्शन पर उतर आएंगे. 
बांग्लादेश की पूरी रेल व्यवस्था चरमरा गई है क्योंकि रिटायरमेंट के बाद स्पेशल अलाउंस और अन्य मांगों को लेकर ट्रेन के चालकों और उनके सहयोगी कर्मचारियों ने मंगलवार से राष्ट्रव्यापी अनिश्चतकालीन हड़ताल शुरू कर दी है. इसको लेकर रेल अधिकारियों और ड्राइवर यूनियन के नेताओं के बीच बैठक भी हुई थी, जोकि बेनतीजा रही.  
रेलकर्मियों की हड़ताल की वजह से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. यात्री स्टेशन पहुंच रहे हैं और ट्रेनों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन हड़ताल की वजह से स्टेशन पर ट्रेनें ही नहीं पहुंच रही हैं. हालांकि रेल अधिकारियों ने पहले ही ऐलान कर दिया था कि कोई भी ट्रेन रात 12 बजे के बाद शुरू नहीं होगी और जो ट्रेनें रास्ते में होंगी, उन्हें गंतव्य स्थल तक पहुंचा दिया जाएगा.
बांग्लादेश में रोजाना चलती हैं 350 ट्रेनें
बता दें कि बांग्लादेश में रोजाना 350 से अधिक यात्री ट्रेनें चलती हैं, जिनमें से 100 से ज्यादा इंटरसिटी ट्रेनें हैं. इसके अलावा बांग्लादेश रेलवे 35 से ज्यादा मालगाड़ियों का संचालन भी करता है.  
दरअसल मेनपॉवर की कमी की वजह से लोको पायलट, असिस्टेंट लोको पायलट, गार्ड, टिकट चेकर्स समेत कई रेल कर्मचारी  अपने ड्यूटी से कई घंटे ज्यादा काम करते हैं और इसके लिए उन्हें अधिक वेतन दिया जाता है. उन्हें 2021 तक उनके अतिरिक्त काम के वेतन के आधार पर पेंशन लाभ भी हुआ, लेकिन उस साल नवंबर में अवामी लीग सरकार ने अतिरिक्त काम के आधार पर पेंशन लाभ देने से इनकार कर दिया.  अब रेलकर्मी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर उतर आए हैं.  
अब सड़कों पर क्यों उतरे छात्र? 
दूसरी ओर ढाका यूनिवर्सिटी से जुड़े सात कॉलेजों के छात्रों ने बीते सोमवार (27 जनवरी) को बड़ा प्रदर्शन किया और सरकार के सामने छह मांगें रखीं. इतना ही नहीं छात्रों ने अपनी मांगों को पूरा करने के लिए डेडलाइन भी तय कर दी है. अगर तय समय यीमा में मांगें नहीं मानी जाती है तो छात्रों का ये आंदोलन देशव्यापी हो सकता है. इन छात्रों की मांग है कि ढाका यूनिवर्सिटी से इन सात कॉलेजों को अलग कर एक यूनिवर्सिटी बनाई जाए. इसको लेकर उन्होंने सरकार के मुखिया प्रोफेसर यूनुस से मिलने की भी मांग रखी है. 
छात्रों पर लाठीचार्ज, BGB के जवान तैनात 
डीडी न्यूज के मुताबिक, बीते रविवार को ढाका यूनिवर्सिटी के इन 7 कॉलेजों के छात्रों के बीच झड़प हुई थी. जिसके बाद सोमवार को सभी कक्षाएं और परीक्षाएं भी निलंबित कर दी गईं. झड़प के दौरान कई छात्र घायल हो गए और पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए लाठियां चलाईं. फिलहाल वहां स्थिति पर काबू पाने के लिए बॉर्डर गार्ड ऑफ बांग्लादेश (BGB) को तैनात किया गया है.  
यूनुस सरकार के खिलाफ भी आंदोलन शुरू 
बांग्लादेश के लिए बीता हुआ साल बहुत ही उथल-पुथल और अस्थिरता वाला रहा. राजधानी ढाका समेत कई शहरों में हुए विरोध प्रदर्शनों की वजह से ना सिर्फ शेख हसीना को सत्ता गंवानी पड़ी, बल्कि उन्हें अपना बांग्लादेश छोड़कर भी भागना पड़ा था. जिसके बाद बांग्लादेश में एक अंतरिम सरकार बनाई गई, जिसका नेतृत्व अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस कर रहे हैं, लेकिन अब उनकी सरकार पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं. 

india, india news, india news, latest india news, news today, india news today, latest news today, latest india news, latest news hindi, hindi news, oxbig hindi, oxbig news today, oxbig hindi news, oxbig hindi

ENGLISH NEWS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here