20 साल की उम्र में बना करोड़पति, फ‍िर सबकुछ गंवा दिया; अब 2500 करोड़ का है माल‍िक

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20 साल की उम्र में बना करोड़पति, फ‍िर सबकुछ गंवा दिया; अब 2500 करोड़ का है माल‍िक

नई द‍िल्‍ली. सफलता और व‍िफलता, जीवन के दो पहलू हैं और ज‍िसने असफलता से हार मानकर घुटने टेक द‍िए, उसे सफलता का स्‍वाद चखने को नहीं म‍िलता.  आपकी नाकामयाबी आपको इस बात के ल‍िए प्रेर‍ित करती है क‍ि ये हार कुछ बेहतर करने के ल‍िए हुई है. इस बात को ज‍िसने समझ ल‍िया, उसने ज‍ीवन में फतह कर ल‍िया. आज की सफलता की कहानी (Success Story) एक ऐसे शख्‍स की है, ज‍िसने बहुत ही कम उम्र में कामयाबी हास‍िल कर ली और फ‍िर सबकुछ गंवा द‍िया. ले‍क‍िन हार नहीं माना. दोबारा शुरू क‍िया और आज वह 2500 करोड़ की कंपनी का माल‍िक है.

जी हां, हम यहां अनुपम मित्तल की बात कर रहे हैं, ज‍िसका सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा. अनुपम म‍ित्‍तल की कहानी एक सच्ची उद्यमशीलता की कहानी है, जो ऊंचाइयों को छूने, फ‍िर गिरने और वापस उछलने की इच्छाशक्ति से भरी है. 20 की उम्र में करोड़पति बनने से लेकर सबसे बुरे दौर में पहुंचने और फिर Shaadi.com को शुरू कर अपने जीवन को फिर से बनाने तक, अनुपम म‍ित्‍तल की कहानी एक मास्टरक्लास कहानी है.

फूटा बुलबुला, टूट गया सपनाम‍ित्‍तल ने अपनी कहानी खुद लिंक्डइन पर बयां की है. मित्तल ने ल‍िखा कि‍ अपने 20 के दशक में, वह सपने को जी रहे थे: माइक्रोस्ट्रेटजी में काम करके लाखों कमा रहे थे. इस तकनीकी कंपनी की वैल्‍यू अपने चरम पर 40 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई. लेकिन फिर साल 2000 दशक की शुरुआत में बुलबुला फट गया और रातोंरात किस्मत चली गई. मित्तल ने अपने हाथों से हर चीज को फ‍िसलते देखा. धीरे-धीरे उनकी संपत्ति गायब हो रही थी और वे कर्ज में डूब रहे थे. साल 2003 तक उनके पास केवल 30,000 डॉलर ही बचे थे. म‍ित्‍तल उसे लेकर भारत लौट आए.

कहानी अभी बाकी हैआपके मन में ये जरूर आया होगा क‍ि अब तो सब कुछ खत्‍म हो गया. कहानी खत्‍म हो गई. लेक‍िन ये कहानी का अंत नहीं है. मित्तल ने हार नहीं मानी. अपनी बची हुई सारी संपत्ति दांव पर लगाकर उन्होंने एक कंप्यूटर और Shaadi.com नाम का डोमेन खरीदा. उनका मानना ​​था कि यह लोगों के जीवन साथी खोजने के तरीके को बदल सकता है. ये बि‍ल्‍कुल जुआ खेलने जैसा की था, क्‍योंक‍ि डोमेन खरीदने में ही उनके $25,000 खर्च हो गए. अब उनके पास व्यवसाय चलाने के लिए सिर्फ $5,000 ही बचे थे.

दोस्तों, परिवार और यहां तक क‍ि उनके आलोचकों ने उनके इस कदम को पागलपन का नाम द‍िया. इतना नुकसान झेलने के बाद, म‍ित्‍तल का ऐसा कदम उठाना, सभी को बेतुका लग रहा था. मित्तल ने ल‍िंंक्‍डइन पर ल‍िखा कि ये खेल कभी भी सुरक्षित खेलने का नहीं था.  यह खुद को साबित करने के बारे में था कि मैं राख से उठ सकता हूं. और वह उठ खड़ा हुआ.

Shaadi.com वास्तव में फलने-फूलने लगा. इस सेक्‍टर की सबसे सफल साइटों में से एक बन गई.

आज, मित्तल पीछे मुड़कर देखते हैं तो उसे एक सबक के तौर पर लेते हैं. उनका मानना ​​है कि असफलता खेल का हिस्सा है और दृढ़ता ही सफलता की कुंजी है. म‍ित्‍तल कहते हैं क‍ि जब तक आप जीत नहीं जाते, तब तक खेल खत्म नहीं होता. यह व्यवसाय या जीवन में चुनौतियों का सामना करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए एक मंत्र है. अपने ब‍िजनेस को खड़ा करने की मशक्‍कत में लगे हर उद्यमी के लिए, मित्तल के जीवन का सफर इस बात का सबूत है कि असफलताएं सिर्फ वापसी की तैयारी हैं.
Tags: Tech news, Tech news hindiFIRST PUBLISHED : December 29, 2024, 10:42 IST

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