Last Updated:April 05, 2025, 18:03 ISTसोमवार सिंड्रोम के तहत शेयर बाजार में अस्थिरता बढ़ती है, खासकर अगर शुक्रवार को वैश्विक बाजार कमजोर रहे हों. वीकेंड ब्रेक, ग्लोबल मार्केट्स का दबाव, नेगेटिव न्यूज और F&O फैसलों से सोमवार को बाजार में उतार-चढ़ाव …और पढ़ेंसोमवार सिंड्रोम से क्यों प्रभावित होते हैं निवेशक?हाइलाइट्ससोमवार सिंड्रोम से बाजार में अस्थिरता बढ़ती है.वीकेंड ब्रेक और ग्लोबल मार्केट्स का असर.निवेशकों को वास्तविक संकेतकों पर ध्यान देना चाहिए.नई दिल्ली. शेयर बाजार में सिर्फ आंकड़ों और चार्ट का ही नहीं, बल्कि निवेशकों की भावनाओं का भी बड़ा असर पड़ता है. ऐसा ही एक दिलचस्प ट्रेंड है “सोमवार सिंड्रोम”, यानी वीकेंड के बाद सोमवार को बाजार में बढ़ी हुई अस्थिरता (volatility). कई निवेशक मानते हैं कि सोमवार को बाजार में गिरावट की संभावना ज्यादा होती है, खासकर अगर शुक्रवार को वैश्विक बाजारों में कमजोरी रही हो. हालांकि, यह धारणा कितनी सही है और इसके पीछे की असली वजहें क्या हैं, इस पर एक नजर डालते हैं.
सोमवार को बाजार में बिकवाली (selling pressure) बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. वीकेंड के दौरान अंतरराष्ट्रीय घटनाओं, राजनीतिक फैसलों या आर्थिक नीतियों में बदलाव की वजह से निवेशकों की धारणा प्रभावित होती है. इसके अलावा, शुक्रवार को ग्लोबल बाजारों का प्रदर्शन भी भारतीय शेयर बाजार को प्रभावित करता है. हालांकि, यह जरूरी नहीं कि हर सोमवार बाजार गिरावट के साथ खुले, कई बार निवेशक कम कीमतों पर खरीदारी करके बाजार को संभाल भी लेते हैं.
सोमवार को बाजार में उतार-चढ़ाव की मुख्य वजहेंवीकेंड ब्रेक का असर: दो दिनों तक ट्रेडिंग बंद रहने से निवेशक अनिश्चितता महसूस करते हैं.
ग्लोबल मार्केट्स का दबाव: अमेरिका और यूरोप में शुक्रवार को हुई हलचल सोमवार को भारतीय बाजार को प्रभावित कर सकती है.
नेगेटिव न्यूज इफेक्ट: शनिवार-रविवार को अगर कोई आर्थिक या राजनीतिक बड़ा घटनाक्रम हुआ हो, तो उसका असर सोमवार को दिखता है.
F&O से जुड़े फैसले: कई ट्रेडर्स सोमवार को अपने वायदा सौदों (futures and options) को एडजस्ट करते हैं, जिससे बाजार में हलचल बढ़ सकती है.
हालांकि, ऐतिहासिक डेटा यह साबित नहीं करता कि हर सोमवार को बाजार में गिरावट ही होगी. यह सिर्फ एक निवेशकों की धारणा है, जो कुछ मौकों पर सही साबित होती है, लेकिन हमेशा नहीं. इसलिए, निवेशकों को बाजार के वास्तविक संकेतकों के आधार पर फैसले लेने चाहिए, न कि सिर्फ “सोमवार सिंड्रोम” की वजह से घबराना चाहिए.
Location :New Delhi,DelhiFirst Published :April 05, 2025, 18:03 ISThomebusinessक्या है बाजार का मंडे सिंड्रोम, सच है या सिर्फ फसाना?
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