Last Updated:March 03, 2025, 08:13 ISTशेयर बाजार में पिछले कुछ महीनों से गिरावट जारी है. निफ्टी 50 अपने ऑल टाइम हाई से करीब 15 फीसदी गिर चुका है. बाजार जानकारों का कहना है कि यह समय भारतीय इक्विटी में पैसा लगाने का सही टाइम है.सरकार की नीतियों और राजकोषीय सुधारों की बदौलत भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है.हाइलाइट्सशेयर बाजार में निवेश का सही समय है.भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है.मध्यम वर्ग और अमीर परिवारों की संख्या बढ़ेगी.नई दिल्ली. मॉर्गन स्टेनली इंडिया के प्रबंध निदेशक ऋधम देसाई का कहना है कि हालिया करेक्शन के बावजूद शेयर बाजार मजबूत स्थिति में है और यह भारतीय शेयरों में पैसा लगाने का एक सुनहरा अवसर है. उन्होंने कहा कि भारत की आय संरचना में बड़ा बदलाव हो रहा है और इसका असर शेयर बाजार पर सकारात्मक रहेगा. आने वाले दशकों में बदलते उपभोग पैटर्न, बढ़ती ऊर्जा खपत और उपभोक्ता ऋण में वृद्धि जैसे कारक भारतीय अर्थव्यवस्था को गति देंगे.
एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देसाई ने कहा कि सरकार की नीतियों और राजकोषीय सुधारों की बदौलत भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है. 2028 तक भारत दुनिया का पहला प्रमुख देश बन सकता है जो ब्याज चुकाने के लिए कर्ज नहीं लेगा. देसाई ने कहा कि भारत में अभी भी बड़ी संख्या में लोग आय पिरामिड के निचले स्तर पर हैं, लेकिन अगले 10 वर्षों में इसमें बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. वर्तमान में देश में 7 करोड़ मध्यम वर्गीय परिवार हैं, जो 2034 तक बढ़कर 17 करोड़ हो जाएंगे.
बढेगी अमीरों की संख्यादेसाई ने कहा कि भारत में अमीर परिवारों की संख्या में भी भारी वृद्धि होगी. अभी देश में 50 लाख अमीर परिवार हैं, जो अगले 10 वर्षों में 2.5 करोड़ तक पहुंच जाएंगे. देसाई ने कहा, “दुनिया ने कभी भी 10 वर्षों में इतनी तेजी से लोगों को अमीर होते नहीं देखा.”
लग्जरी आइटम्स की बढ़ेगी मांगदेसाई ने कहा कि मध्यम वर्ग और अमीर परिवारों की संख्या बढ़ने से आईफोन, लग्जरी कारों और प्रीमियम यात्रा सेवाओं की मांग में उछाल आएगा. यही कारण है कि वैश्विक कंपनियां भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं. उन्होंने एप्पल का उदाहरण देते हुए कहा, “पिछले दो वर्षों में एप्पल की अतिरिक्त राजस्व वृद्धि सिर्फ भारत से आई है.”
ऊर्जा खपत और ऋण बाजार में उछालदेसाई ने कहा कि भारत में ऊर्जा खपत भी तेजी से बढ़ रही है. अभी भारत की प्रति व्यक्ति दैनिक ऊर्जा खपत 850 वॉट है, जो अगले दशक के अंत तक 2,000 वॉट तक पहुंचने की उम्मीद है. इससे ऊर्जा उत्पादन और वितरण के क्षेत्र में नए निवेश और अवसर पैदा होंगे.
इसके अलावा, ऋण बाजार में भी उछाल आएगा. उन्होंने बताया कि अमेरिका में निजी कर्ज जीडीपी का तीन गुना और चीन में 2.5 गुना है, जबकि भारत में यह अभी सिर्फ 75% है. लेकिन आने वाले वर्षों में इसमें वृद्धि देखने को मिलेगी.
Location :New Delhi,New Delhi,DelhiFirst Published :March 03, 2025, 08:13 ISThomebusinessक्यों शेयरों में पैसा लगाने का है यही सही समय, इस दिग्गज ने खोला राज
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