नई दिल्ली. भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर निवेश के लिए हर वर्ग के निवेशकों को आकर्षित कर रहा है. वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही में संस्थागत निवेश में 31% की वृद्धि दर्ज की गई है. कोलियर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह निवेश 1.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया. इस बढ़त में विदेशी संस्थागत निवेशकों की बड़ी भूमिका रही, जिन्होंने कुल 72% हिस्सेदारी निभाई. इसमें सिंगापुर, अमेरिका और कनाडा के निवेशक सबसे आगे रहे. वहीं, घरेलू निवेशकों की भागीदारी भी बढ़ी है. वैकल्पिक निवेश फंड्स और फैमिली ऑफिसेज़ की हिस्सेदारी 2024 में 22% से बढ़कर 2025 की पहली तिमाही में 28% तक पहुंच गई.
दिल्ली-एनसीआर इस निवेश में सबसे आगे रहा, जहाँ 247 मिलियन डॉलर (19%) का निवेश आया, जो पिछले साल की तुलना में 45% अधिक है. इस उछाल में सबसे ज्यादा निवेश कमर्शियल ऑफिस स्पेस में हुआ, जिसमें कुल 624 मिलियन अमेरिकी डॉलर (48%) का निवेश दर्ज किया गया. इसके बाद औद्योगिक और वेयरहाउसिंग सेक्टर में 351 मिलियन डॉलर (27%) और आवासीय क्षेत्र में 195 मिलियन डॉलर (15%) का निवेश हुआ.
विदेशी संस्थागत निवेशक लगा रहे खूब पैसाइस बढ़त में विदेशी संस्थागत निवेशकों की बड़ी भूमिका रही, जिन्होंने कुल 72% हिस्सेदारी निभाई. इसमें सिंगापुर, अमेरिका और कनाडा के निवेशक सबसे आगे रहे. वहीं, घरेलू निवेशकों की भागीदारी भी बढ़ी है. वैकल्पिक निवेश फंड्स और फैमिली ऑफिसेज़ की हिस्सेदारी 2024 में 22% से बढ़कर 2025 की पहली तिमाही में 28% तक पहुँच गई.
दिल्ली-एनसीआर सबसे आगेदिल्ली-एनसीआर इस निवेश में सबसे आगे रहा जहां 247 मिलियन डॉलर (19%) का निवेश आया, जो पिछले साल की तुलना में 45% अधिक है. गुरुग्राम और नोएडा में ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस की बढ़ती मांग और द्वारका एक्सप्रेसवे जैसे क्षेत्रों में रेजिडेंशियल हब की लोकप्रियता इसके पीछे प्रमुख कारण हैं. रिपोर्ट के अनुसार, यहां 7-8% तक रिटर्न मिलने की उम्मीद है, जो इसे अन्य शहरों की तुलना में एक आकर्षक निवेश विकल्प बनाता है.
रियल एस्टेट के रेजिडेंशियल सेगमेंट में भी नई तेजी देखी जा रही है. मध्यम और लग्जरी घरों की मांग बढ़ रही है, जबकि अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट अब शहरों के बाहरी क्षेत्रों में तेजी से उभर रहे हैं. नए प्रोजेक्ट लॉन्च में भी 24% की वृद्धि दर्ज की गई है.
एनसीआर क्यों बना हॉटस्पॉटरॉयल ग्रीन रियल्टी के एमडी यशांक वासन ने कहा, “दिल्ली-एनसीआर ने इन निवेशों का लगभग 30% आकर्षित किया है. जेवर एयरपोर्ट और अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के चलते यह क्षेत्र 2025 में भी निवेश का हॉटस्पॉट बना रहेगा.” मैप्सको ग्रुप के डायरेक्टर राहुल सिंगला के अनुसार, “यह निवेश सिर्फ पूंजी प्रवाह नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक स्थिरता, शहरी विकास और बुनियादी ढांचे में विश्वास का प्रतीक है. अब डेवलपर्स के लिए यह अवसर है कि वे गुणवत्ता, पारदर्शिता और दीर्घकालिक मूल्य सृजन पर फोकस करें.”
कोलियर्स की मानें तो, दिल्ली-एनसीआर में 2025 के अंत तक 800-900 मिलियन डॉलर का निवेश आ सकता है. सरकार की अनुकूल नीतियां, मजबूत रेगुलेशन और आर्थिक स्थिति इस विकास को गति देंगी. साथ ही, ग्रीन बिल्डिंग और ईएसजी-अनुरूप प्रॉपर्टीज में बढ़ता निवेश इसे टिकाऊ विकास का केंद्र बना रहा है.
stock market, share market, market update, trading news, trade news, nifty update,bank nifty, oxbig news, oxbig news network, hindi news, hindi news, business news, oxbig hindi news
English News