नई दिल्ली. पैसों की जरूरत पड़ने पर लोग बैंक या गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों से ऋण लेते हैं. पर्सनल लोन को छोड़कर अन्य लोन लेने पर हमें बैंक के पास कुछ न कुछ गिरवी रखना पड़ता है. अगर आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं तो आप प्रतिभूतियों (स्टॉक, म्यूचुअल फंड, बांड आदि) को गिरवी रखकर लोन ले सकते हैं. इसे लोन अगेंस्ट शेयर्स (Loan Against Share) या लोन अंगेस्ट सिक्योरिटीज भी कहते हैं. देश के सबसे बड़े बैंक, भारतीय स्टेट बैंक से 20 लाख रुपये तक का लोन शेयर गिरवी रख ले सकते हैं. वहीं, कुछ एनबीएफसी एक करोड़ रुपये तक का लोन देती हैं.
शेयर या म्यूचुअल फंड यूनिट बेचे बिना तत्काल पैसे मिल जाते हैं. निवेश पर डिविडेंड और अन्य लाभ जारी रहते हैं. फ्लेक्सिबल रिपेमेंट विकल्प उपलब्ध होते हैं, जिसमें आप मासिक ब्याज का भुगतान कर सकते हैं और मूलधन को अंत में चुका सकते हैं. यह विकल्प उन लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है जो अपने निवेश का लाभ उठाना चाहते हैं लेकिन उन्हें तुरंत पैसे की आवश्यकता है.
कितना मिलता है लोन?आमतौर पर शेयरों की मार्केट वैल्यू का 50 से 70 फीसदी तक पैसा लोन के रूप में मिल सकता है. अलग-अलग वित्तीय संस्थानों की लोन लिमिट भी भिन्न-भिन्न है. एसबीआई से कम से कम 50 हजार रुपये से लेकर 20 लाख रुपये तक ऋण मिल सकता है. यहां ध्यान रहे कि अगर आप आईपीओ में निवेश के मकसद से शेयर के बदले लोन के लिए अप्लाई कर रहे हैं तो आपको 10 लाख रुपये से ज्यादा का लोन नहीं मिल सकेगा. मिरे एसेट फाइनेंशियल सर्विसेज (Mirae Asset Financial Services) NSDL डीमैट खातों वाले ग्राहक अपने इक्विटी निवेश को ऑनलाइन गिरवी रखकर ₹10,000 से लेकर ₹1 करोड़ तक लोन (Loan Against Shares) देता है.
आरबीआई की गाइडलाइंस के तहत एनबीएफसी सिर्फ एनएसई के ग्रुप 1 शेयरों के बदले में लोन दे सकती हैं. ग्रुप 1 शेयरों का मतलब ऐसे शेयरों से है जिनमें पिछले छह महीनों में कम से कम 80 दिन कारोबार हुआ है. इनका मिनिमम इम्पैक्ट कॉस्ट 1 फीसदी के बराबर या इससे कम होनी चाहिए. इम्पैक्ट कॉस्ट का मतलब उस एडिशनल कॉस्ट से है, जो निवेशक बड़ी संख्या में शेयरों को खरीदने या बेचने पर चुकाता है.
कौन ले सकता है लोन?शेयर बाजार में पैसा लगाने वाला कोई भी निवेशक शेयरों के बदले लोन ले सकता है. डीमैट खाते में शेयर होने चाहिए. एनआरआई को यह सुविधा नहीं मिलती. जहां तक इस लोन पर ब्याज दर का सवाल है तो वह भी अलग-अलग वित्तीय संस्थानों की भिन्न-भिन्न है. आमतौर पर शेयर गिरवी रख लिए लोन पर 9 से 13 फीसदी तक ब्याज चुकाना होता है. इस लोन पर बैंक प्रोसेसिंग फीस भी लेते हैं. आमतौर पर यह लोन 30 महीने के लिए दिया जाता है.
Tags: Bank Loan, Personal finance, Share marketFIRST PUBLISHED : December 21, 2024, 15:50 IST
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