Last Updated:March 26, 2025, 18:18 ISTपॉजिटिव पे सिस्टम (PPS) चेक फ्रॉड से बचाने का एक मैकेनिज्म है. पीपीएस एक एक्सट्रा सिक्योरिटी लेयर जोड़ता है, जिससे हर बड़े ट्रांजैक्शन को प्रोसेस करने से पहले वेरिफाई किया जाता है.धोखाधड़ी से बचाता है PPSहाइलाइट्सपॉजिटिव पे सिस्टम (PPS) चेक फ्रॉड से बचाता है.PPS के साथ चेक जारी करना बहुत आसान है.PPS में चेक की जानकारी पहले से बैंक को देनी होती है.Positive Pay System: देश में जैसे-जैसे फ्रॉड के तरीके और जटिल होते जा रहे हैं, कम से कम आपको एक चीज की चिंता कम हो गई है – चेक फ्रॉड. दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2021 में पॉजिटिव पे सिस्टम (PPS) लागू किया था. यह सिस्टम बड़े लेन-देन के लिए चेक फ्रॉड से बचाने का काम करता है. पीपीएस एक एक्सट्रा सिक्योरिटी लेयर जोड़ता है, जिससे हर बड़े ट्रांजैक्शन को प्रोसेस करने से पहले वेरिफाई किया जाता है.
पॉजिटिव पे सिस्टम (PPS) फ्रॉड से बचाने का एक मैकेनिज्म है, जिसमें अकाउंटहोल्डर्स को 50,000 रुपये या उससे ज्यादा के चेक जारी करने से पहले अपने बैंक के साथ कुछ अहम डिटेल शेयर करने होते हैं. इन डिटेल में चेक नंबर, तारीख, अमाउंट और पेयी का नाम होता है. जब चेक क्लियरिंग के लिए पेश किया जाता है, तो बैंक जमा की गई जानकारी की फिजिकल चेक से तुलना करता है. अगर कोई मिसमैच होता है, तो लेन-देन को आगे की जांच के लिए चिह्नित किया जाता है, जिससे चेक-बेस्ड फ्रॉड से बचा जा सके.
हाई वैल्यू की चेक के लिए जरूरीफिलहाल चेक ट्रंकेशन सिस्टम (CTS) के जरिए प्रोसेस किए गए 5 लाख रुपये और उससे ज्यादा के चेक के लिए पीपीएस जरूरी है. इससे पहले 1 अक्टूबर 2024 से बैंकों ने CTS में पेश किए गए 2 लाख और उससे ज्यादा के चेक और ट्रांसफर ट्रांजैक्शन के लिए 5 लाख और उससे ज्यादा के चेक के लिए पीपीएस का इस्तेमाल जरूरी कर दिया था. अगर ग्राहक इन हाई वैल्यू के चेक के लिए पीपीएस मेंडेट सबमिट नहीं करते हैं, तो बैंक चेक को एडवाइस नॉट रिसीव (Advice Not Received) कारण के साथ वापस कर देगा.
PPS कैसे काम करता है?PPS के साथ चेक जारी करना बहुत आसान है. चेक जारी करने वालों को अपने चेक की जानकारी – चेक नंबर, तारीख, राशि और रिसीवर का नाम – चेक क्लियरिंग के लिए पेश करने से कम से कम 24 घंटे पहले जमा करनी होती है. यह इंटरनेट बैंकिंग के जरिए या काउंटर पर मैन्युअल रूप से किया जा सकता है. बैंक इस जानकारी को पेश किए गए चेक के साथ सही तरीके से मिलाते हैं. चेक में कोई भी छोटी सी गलती होने पर वेरिफिकेशन प्रोसेस की जाती है ताकि उसकी ऑथेंटिसिटी की पुष्टि हो सके.
Location :New Delhi,DelhiFirst Published :March 26, 2025, 18:10 ISThomebusinessPPS: फ्रॉड से कैसे बचाता है यह सिस्टम, चेक पेमेंट करते वक्त होता है इसका यूज
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