US tariffs : डोनाल्‍ड ट्रंप का टैरिफ दांव अमेरिका की ही लगा देगा लंका

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US tariffs : डोनाल्‍ड ट्रंप का टैरिफ दांव अमेरिका की ही लगा देगा लंका

Last Updated:April 04, 2025, 07:35 ISTआरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने अमेरिका द्वारा 60 देशों पर लगाए गए टैरिफ को “सेल्फ गोल” बताया है. उनका मानना है कि इसका भारत पर सीमित असर होगा और भारत इसे अवसर में बदल सकता है.रघुराम राजन का कहना है कि भारत इस स्थिति को एक अवसर में बदल सकता है. हाइलाइट्सअमेरिका के टैरिफ को रघुराम राजन ने ‘सेल्फ गोल’ बताया.भारत पर अमेरिकी टैरिफ का सीमित असर होगा.भारत इस स्थिति को अवसर में बदल सकता है.नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर और प्रसिद्ध अर्थशास्त्री रघुराम राजन ने अमेरिका द्वारा करीब 60 देशों पर लगाए गए पारस्परिक टैरिफ को अमेरिका के लिए “सेल्‍फ गोल” बताया है. उनका कहना है कि इसका भारत पर सीमित असर पड़ेगा. अमेरिका ने कई देशों पर एक साथ टैरिफ लगाया है, इसलिए भारत पर इसका असर उतना व्यापक नहीं होगा जितना होता अगर यह केवल भारतीय निर्यात को निशाना बनाकर लगाया जाता.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सभी व्यापारिक साझेदारों से आयात होने वाले उत्पादों पर 10% से लेकर 50% तक के वैकल्पिक शुल्क (ad-valorem duties) लगाने की घोषणा की है. इनमें 10% का बेसलाइन शुल्क 5 अप्रैल से लागू होगा, जबकि 27% शुल्क 9 अप्रैल से प्रभाव में आएगा. हालांकि, दवा, सेमीकंडक्टर और ऊर्जा जैसे कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्रों को इस फैसले से छूट दी गई है.

अमेरिका को लगेगा पहला झटकाराजन ने पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में कहा, “अल्पकाल में यह फैसला अमेरिका की अर्थव्यवस्था को ही सबसे पहले प्रभावित करेगा. जैसा फुटबॉल में होता है, यह एक ‘सेल्फ गोल’ है. भारत के संदर्भ में देखा जाए तो अमेरिकी टैरिफ से भारतीय उत्पाद महंगे हो जाएंगे, जिससे अमेरिकी उपभोक्ता कम खरीदारी करेंगे और भारत की आर्थिक वृद्धि प्रभावित हो सकती है.”

राजन का मानना है कि चूंकि अमेरिका ने कई देशों पर एक साथ टैरिफ लगाया है, इसलिए भारत पर इसका असर उतना व्यापक नहीं होगा जितना होता अगर यह केवल भारतीय निर्यात को निशाना बनाकर लगाया जाता. उन्होंने यह भी कहा कि इससे भारत में वस्तुओं की घरेलू उपलब्धता बढ़ेगी और मुद्रास्फीति में कुछ राहत मिल सकती है. राजन ने कहा कि जैसे-जैसे अमेरिका का बाजार प्रतिबंधात्मक होता जाएगा, चीन जैसे देश अपने उत्पादों का निर्यात भारत जैसे देशों की ओर मोड़ सकते हैं.

भारत के लिए है मौकारघुराम राजन का कहना है कि भारत इस स्थिति को एक अवसर में बदल सकता है. उन्होंने कहा, “भारत को अपने उन टैरिफों को कम करना चाहिए जिन्हें हाल के वर्षों में बढ़ाया गया है. यह फायदेमंद कदम होगा, भले ही इससे अमेरिका के साथ व्यापारिक सौदेबाज़ी में मदद मिले या नहीं.” राजन ने सुझाव दिया कि भारत को व्यापारिक रणनीति में बदलाव करते हुए पूर्व में ASEAN और जापान, दक्षिण-पश्चिम में अफ्रीका और उत्तर-पश्चिम में यूरोप जैसे क्षेत्रों के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत करने चाहिए.

चीन के साथ न्‍यायसंगत संबंधों की जरूरतउन्होंने यह भी कहा कि भारत को अपने पड़ोसी देशों, विशेष रूप से SAARC देशों के साथ रिश्तों को मजबूत करना चाहिए. “चीन के साथ एक न्यायसंगत संबंध बनाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए. साथ ही SAARC देशों के साथ मजबूत पुल बनाने होंगे. इसका मतलब है राजनीतिक मतभेदों को पीछे छोड़ना. जब दुनिया क्षेत्रीय ब्लॉकों में बंट रही है, तो दक्षिण एशिया पीछे नहीं रहना चाहिए.”
Location :New Delhi,New Delhi,DelhiFirst Published :April 04, 2025, 07:35 ISThomebusinessUS tariffs : डोनाल्‍ड ट्रंप का टैरिफ दांव अमेरिका की ही लगा देगा लंका

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