नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में प्रचंड जीत हासिल करने वाले डोनाल्ड ट्रंप ने अपना अजित डोभाल खोज लिया है. जी हां, डोनाल्ड ट्रंप ने उस शख्स को अमेरिका का राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बनाया है, जो तालिबान से लोहा ले चुका है. फ्लोरिडा के सांसद माइक वॉल्ट्ज को डोनाल्ड ट्रंप ने अपना एनएएस यानी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार) चुना है. वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है.
माइक वॉल्ट्ज के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बनने से चीन की भी टेंशन बढ़ेगी, क्योंकि वह ड्रैगन के कट्टर आलोचक रहे हैं. माइक वॉल्ट्ज अफगानिस्तान में तालिबान से लड़ चुके हैं. साथ ही वह मध्य पूर्व और अफ्रीका में अपनी सेवा दे चुके हैं. भारत में इस पद पर अजित डोभाल हैं. अमेरिका में भी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एक अत्यधिक प्रभावशाली पद होता है, जिसकी नियुक्ति राष्ट्रपति की ओर से की जाती है और इसके लिए सीनेट की पुष्टि की आवश्यकता नहीं होती है. इस पद पर रहते हुए सभी शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करना, राष्ट्रपति को जानकारी देना और उनकी नीतियों को लागू करना होता है.
माइक वॉल्ट्ड के पास है अनुभव
रिपोर्ट की मानें तो माइक वॉल्ट्ज रूस-यूक्रेन जंग और मध्य पूर्व में लंबे समय से चले आ रहे युद्ध के बीच अपनी अहम भूमिका निभाएंगे. ट्रंप की कोशिश रहेगी कि वो विदेशी प्रतिद्वंदियों के खिलाफ रोक लगाकर विदेशों में तनाव को और बढ़ने से रोकें. साथ ही अमेरिका के साथी देशों के साथ लेन-देन की नीतियां बनाना चाहेंगे. डोनाल्ड ट्रंप चुनावी प्रचार में बार-बार कह चुके हैं कि वह सत्ता में आते हैं तो युद्ध रोक देंगे.
पहले कार्यकाल में बदले थे 4 एनएसए
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में चार राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बदले थे. इनमें से पहले सलाहकार तो सिर्फ 22 दिन ही पद पर रह पाए थे. लेफ्टिनेंट जनरल एच.आर. मैकमास्टर और जॉन बोल्टन समेत बाकी सलाहकारों को ट्रंप ने कुछ नीतिगत मुद्दों पर मतभेदों के चलते हटा दिया था. ट्रंप के आखिरी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ’ब्रायन कोविड-19 महामारी और 6 जनवरी, 2021 को कैपिटल हिल पर हुए दंगे के दौरान इस पद पर बने रहे. ट्रंप अपने आगामी कार्यकाल में ओ’ब्रायन को भी कैबिनेट में जगह देने पर विचार कर रहे हैं.
ट्रंप के कट्टर समर्थक हैं माइक वॉल्ट्ज
फ्लोरिडा के सांसद और रिपब्लिकन पार्टी के नेता माइक वॉल्ट्ज डोनाल्ड ट्रंप के मुखर समर्थक रहे हैं. वह अवैध आव्रजन पर पूर्व राष्ट्रपति के जीरो टॉलरेंस वाले रुख और यूक्रेन को अमेरिकी मदद पर उनकी शंका का समर्थन करते रहे हैं. वह चीन के भी मुखर आलोचक रहे हैं. ऐसे में उनके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बनने से चीन की भी टेंशन बढ़ेगी.
Tags: Donald Trump, US News, World news
FIRST PUBLISHED : November 12, 2024, 05:55 IST
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